होली से पहले छात्रों के लिए राहत भरी खबर आई है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने स्कूली बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति (Scholarship) में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस निर्णय का लाभ पूरे उत्तर प्रदेश के करीब 38 लाख विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इससे पढ़ाई छोड़ने की दर कम होगी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
सबसे बड़ा फायदा 9वीं और 10वीं कक्षा के पिछड़ा वर्ग (OBC Category) के छात्रों को मिलेगा। पहले इन्हें 2250 रुपये की छात्रवृत्ति मिलती थी, लेकिन अब यह बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है। इस बढ़ोतरी को शिक्षा सहायता (Education Support) को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| घोषणा | स्कॉलरशिप राशि बढ़ाई गई |
| लाभार्थी | लगभग 38 लाख छात्र |
| कक्षा | 9वीं और 10वीं (OBC) |
| पुरानी राशि | ₹2250 |
| नई राशि | ₹3000 |
| आय सीमा (पहले) | ₹2,00,000 वार्षिक |
| नई आय सीमा | ₹2,50,000 वार्षिक |
| छात्रवृत्ति मिलने की तिथि | 25 सितंबर से |
छात्रों को सिर्फ रकम ही नहीं, बल्कि पात्रता नियमों में भी राहत दी गई है। सरकार ने अभिभावकों की सालाना आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी है। इसका मतलब है कि अब पहले से ज्यादा परिवार इस योजना के दायरे में आएंगे और अधिक छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति (Fee Reimbursement) का लाभ मिलेगा।
नरेंद्र कश्यप ने बताया कि यह फैसला छात्र हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी छात्र आर्थिक वजह से पढ़ाई से वंचित न रहे। लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अब छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया पहले से तेज कर दी गई है।
पहले छात्रों को पैसा 31 मार्च तक मिलता था, लेकिन अब 25 सितंबर से ही छात्रवृत्ति दी जा रही है। इससे विद्यार्थियों को सत्र के दौरान ही पढ़ाई से जुड़े खर्च पूरे करने में मदद मिल सकेगी। सरकार का दावा है कि पिछले वर्षों में एक भी पात्र छात्र योजना से वंचित नहीं रहा।
कुल मिलाकर, यह फैसला होली से पहले छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए बड़ी राहत (Big Relief for Students) साबित हो सकता है।